Red Alert 🌷

ये लोग क्या लाल औजार लिए बैठे है

दिलों में इजहार का सवाल लिए बैठे है

आज कैसा व्यापार का मेला लगा है

लोग लेने देने का ख्याल लिए बैठे है

कहीं तो धुआं उठ रहा है आज

ये सिंगल बेचारे क्यू मुंह फुलाए बैठे है…

या ख़ुदा ये तेरा कैसा गांव

कहीं धूप तो कहीं छांव

मुझे तो तूने एक भी ना दी

देख यहां कितने, कितनो को लिए बैठे है…

इक गिलास खाली है दूसरा भर रक्खा है

हमने बेवफ़ा ए जहर का घूंट चख रक्खा है….

कल तेरा था, आज किसी और का है

सौदेबाजी से चलती है दुनिया,

लोगों ने लोगो का इस्तेमाल कर रक्खा है….

तुम हमे क्या मरने का खौफ दिखाओगे,

हमने तो विश्वासघातो पर विश्वास कर रक्खा है…..

अब कहा मिलती है मोहब्बत इस जहां में….

मोहब्बत ने खूबसूरती का लिबास ओढ़ रक्खा है..


शब्द निकले उसके पहले ही ज़ुबान नोच लेते है

ये वामपंथी है साहब,

ये भारत मां को भी मुद्दा बना लेते है….

झूठे ही झुठो को झूठा बताते है

ये सेक्युलर है साहब,

जात पात से देश को बरगलाते है….

सुना है उनके वक़्त की बड़ी अहमियत है

तो जा, अपना वक़्त मुझपे जाया न कर…

मेरे प्यार को किसी पैमाने में नापने की औकात नहीं तेरी

तू मेरे दर्द दिल की गहराई को आजमाया न कर…

बरसों से मुश्किलों से दो दो हाथ किए है मैंने

अब तेरे दर्द से आबरू हो जाऊ,ऐसी फरमाइश फ़रमाया न कर…

दो वक़्त का सुकून मुवस्सर नहीं मुझे,

तू बार बार आकर मेरे दिल को भरमाया न कर…

Wealthy Love

की शायरों ने कहा है, प्यार की कीमत नहीं होती

तू जरा बाजार से गुलदस्ता खरीद के देख….

और तू जिसको अनमोल समझता है, बिकेंगे वो कौड़ियों के भाव

तू जरा पैसा उठा के फेक…..

जिनकी बेगम हफ़्तों से नाराज़ बैठी थी

मैंने यार से कहा तू इकबार गहना ख़रीद के देख..

और जो ये चांद तारे है, सब बेमायने है

तू फिर से मुखड़ा सजा के देख…

मेरे बाप के हाथो की लकीरें मिट चुकी है

मेरे तकदीर ने कहा तू जरा पैसा कमा के देख….

मरा नहीं हूं मै, अभी मुझमें सांस बाकी है

साफ तो आसमान हुआ है अभी पूरी रात बाकी है

मत बैठ आराम न कर , दौड़ना तेरी फितरत में है

एक रास्ता ख़तम हुआ है, सिलसिले का दौर बाकी है

क्या हुआ जो तुझे मंजिल ना मिली

एक दफा ही तो तू हारा है,देख जितना जंहा अभी बाकी है…

आग के कस्बे में

कागज की खते लिखी नहीं जाती

किसी बेवफा के सामने

दिल की बात बोली नहीं जाती

ये तो जज्बातों का समुंदर है

हिस्सेदारी के पलड़े में तौली नहीं जाती

और जब प्यार की पंखुड़ियां सूख चुकी हो

तो उसकी तहनी से फूल तोड़ी नहीं जाती